भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली: सितंबर में FPIs ने निकाले ₹20,974 करोड़

नई दिल्ली / रायपुर (21 सितंबर 2026): वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितता और आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी है। सितंबर महीने में अब तक एफपीआई ने भारतीय इक्विटी बाजार से करीब ₹20,974 करोड़ की शुद्ध निकासी (Net Outflow) की है।
यह बिकवाली ऐसे समय में देखी गई है जब इससे पहले जुलाई और अगस्त के महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में जबरदस्त खरीदारी की थी।
बिकवाली के 3 मुख्य कारण
अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरें और बांड यील्ड: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में सख्ती और वहां की बांड यील्ड में तेजी के कारण विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका के सुरक्षित बांड में लगा रहे हैं।
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल: वैश्विक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातकर्ता देश है, इसलिए तेल महंगा होने से मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे (CAD) पर दबाव बढ़ता है।
भारतीय रुपये में गिरावट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने से विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर असर पड़ता है, जिससे वे मुनाफावसूली करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
डेट मार्केट (Debt Market) से भी निकाला पैसा
केवल शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों ने इस दौरान डेट/बॉन्ड मार्केट से भी फंड वापस लिया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी स्थिति (Fundamentals) और प्राइमरी मार्केट (IPOs) में मिल रहे अच्छे अवसरों के कारण लंबी अवधि के विदेशी पूंजी प्रवाह में सुधार की पूरी उम्मीद है।

