US Sanctions Bill: अमेरिकी संसद में पास हुआ नया प्रतिबंध कानून; रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगा सकेंगे राष्ट्रपति ट्रम्प

वाशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ने रूस और ईरान पर शिकंजा कसने के लिए एक बेहद कड़ा विधेयक ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026′ (Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) पारित कर दिया है। अमेरिकी सीनेट के बाद प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) से भी पारित यह कानून अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।
विधेयक के मुख्य प्रावधान और राष्ट्रपति के अधिकार
100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार: यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी तेल और प्राकृतिक गैस के सबसे बड़े खरीदार देशों (जैसे भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी आदि) से आने वाले सामानों पर 100% तक का कड़ा टैरिफ लगाने का पूर्ण अधिकार प्रदान करता है।
व्यापारिक रियायतें और छूट (Waiver): विधेयक में राष्ट्रपति को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे अमेरिका के राष्ट्रीय हित या शांति वार्ताओं का हवाला देकर किसी देश को इन शुल्कों से छूट दे सकते हैं।
ईरान पर प्रतिबंधों का विस्तार: कानून के तहत ईरान प्रतिबंध अधिनियम (Iran Sanctions Act) की अवधि को भी अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।
भारत पर प्रभाव और विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
अमेरिका में इस कानून के पारित होने के बाद भारत में रणनीतिक और आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि देश की 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

