मां-बेटी हत्याकांड में कुलदीप साहू समेत तीन को फांसी
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू सहित तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने 8 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फैसला सुनाया।
सजा सुनाए जाने के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू डरा हुआ दिखाई दिया। फिलहाल वह अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद है। मृत्युदंड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए उसे रायपुर केंद्रीय जेल स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के अनुसार, फांसी से संबंधित आवश्यक सुविधाएं रायपुर केंद्रीय जेल में उपलब्ध हैं। अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जेल में कुलदीप की सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अक्टूबर 2024 में हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
यह मामला अक्टूबर 2024 में सूरजपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या से संबंधित है। मामले में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद मां-बेटी की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव घर से लगभग पांच किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे। पुलिस जांच, प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया।
पहले मुस्कुराते दिखा था कुलदीप
जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के मुताबिक, अदालत के फैसले की जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए जाने के दौरान कुलदीप साहू भयभीत नजर आया। इससे पहले एक अन्य मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद उसे अदालत से बाहर निकलते समय मुस्कुराते हुए देखा गया था। उस समय का वीडियो भी सामने आया था। हालांकि, मां-बेटी की हत्या और दुष्कर्म के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के दौरान उसका व्यवहार अलग दिखाई दिया।
29 सितंबर को दोषी करार दिए गए थे चारों आरोपी
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर को कुलदीप साहू समेत चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। इसके बाद अदालत ने सजा पर निर्णय सुनाने के लिए 8 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। निर्धारित तारीख पर अदालत ने तीन दोषियों को फांसी और आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

