पुतिन का बड़ा बयान: ‘पीएम मोदी पर दबाव डालना अमेरिका के बस की बात नहीं’, भारत को बताया सबसे भरोसेमंद दोस्त
मास्को/नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संप्रभु नीति की जमकर तारीफ की है। एक हालिया बयान में पुतिन ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका या किसी भी अन्य पश्चिमी देश के लिए भारत और पीएम मोदी पर दबाव बनाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने भारत को एक महान शक्ति और रूस का सबसे भरोसेमंद ऐतिहासिक सहयोगी करार दिया।
“भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र”
रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ ताकतें लगातार भारत पर अपनी नीतियों को थोपने या दबाव बनाने का प्रयास करती हैं, लेकिन ये सभी कोशिशें पूरी तरह बेकार साबित हुई हैं। पुतिन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई भी ऐसी ताकत है जो पीएम मोदी को डरा सके या उन्हें भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाकर कोई फैसला लेने के लिए मजबूर कर सके।”
अमेरिका से बढ़ती नजदीकी पर पुतिन का रुख
पिछले कुछ समय में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों पर भी पुतिन ने खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका की नजदीकियों से रूस-भारत के ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी विदेश नीति को स्वतंत्र रूप से संचालित करता है। नई दिल्ली अच्छी तरह जानती है कि उसके देश और जनता के हित में क्या सही है। रूस और भारत की पार्टनरशिप किसी तीसरे देश के प्रभाव से परे है और यह समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरी है।
रूस-भारत की अटूट साझेदारी
पुतिन के इस बयान से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि यूक्रेन संकट और वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद रूस और भारत के द्विपक्षीय संबंध बेहद मजबूत बने हुए हैं। भारत ने हमेशा शांति और कूटनीति का समर्थन किया है, वहीं अपनी ऊर्जा और रक्षा जरूरतों के लिए रूस के साथ व्यापारिक रिश्तों को भी बखूबी बनाए रखा है।
पश्चिमी दबावों को दरकिनार कर भारत की इस स्वतंत्र नीति की अब दुनिया भर में चर्चा हो रही है, और पुतिन का यह ताजा बयान इसी का एक बड़ा प्रमाण है।
