ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी: इबोला वायरस का कोहराम, कांगो में 20 दिन में 200 मौतें; भारत सरकार हाई अलर्ट पर
किंशासा: दुनिया पर एक बार फिर खतरनाक वायरस का बड़ा संकट मंडराने लगा है। अफ्रीकी देश कांगो (किंशासा) में इबोला वायरस (Ebola Virus) के तेजी से बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इसे ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (Global Health Emergency) घोषित कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों ने इस वायरस के प्रसार को बेहद चिंताजनक माना है।
कांगो में हाहाकार: महज 20 दिनों के भीतर 200 लोगों ने गंवाई जान
कांगो से आ रही रिपोर्ट बेहद डरावनी हैं। देश में इबोला संक्रमण के मामले बिजली की रफ्तार से बढ़ रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज 20 दिनों के भीतर ही इस जानलेवा वायरस के कारण 200 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ने से वहां का हेल्थ सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है।
भारत सरकार अलर्ट: एयरपोर्ट और सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
विश्व स्तर पर इमरजेंसी घोषित होने के बाद भारत सरकार भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में हाई अलर्ट जारी किया है।
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अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों (Airports) पर अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और सख्त स्क्रीनिंग शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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देश के सभी प्रमुख अस्पतालों को इबोला के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने को कहा गया है।
क्या है इबोला वायरस और इसके लक्षण?
इबोला एक अत्यंत संक्रामक और घातक वायरस है, जो संक्रमित जानवर या इंसान के सीधे संपर्क (खून या शारीरिक तरल पदार्थ) में आने से फैलता है।
प्रमुख लक्षण:
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अचानक तेज बुखार आना और कमजोरी महसूस होना।
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मांसपेशियों और सिर में गंभीर दर्द।
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उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में शरीर के अंदरूनी व बाहरी अंगों से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होना।
