ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बड़ा कदम: अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर रोक का प्रस्ताव पास; मशहद में खामनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी

वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच दो बेहद महत्वपूर्ण और बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ जहां अमेरिकी संसद ने ईरान के साथ युद्ध के खतरों को टालने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान अपने सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की अभूतपूर्व तैयारियों में जुटा हुआ है।

अमेरिकी संसद का बड़ा फैसला: राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई पर रोक का प्रस्ताव पास

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े उलटफेर के तहत अमेरिकी संसद (House of Representatives) में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत अब अमेरिकी राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार की सीधी सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।

संसद के सदस्यों का मानना है कि यह कदम ईरान के साथ बढ़ते जंग के खतरों को रोकने और एक बड़े वैश्विक युद्ध को टालने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस प्रस्ताव के पास होने से अब अमेरिकी प्रशासन पर रणनीतिक रूप से दबाव बढ़ेगा और किसी भी सैन्य कदम से पहले गहन विचार-विमर्श करना अनिवार्य होगा।

ईरान में खामनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी, उमड़ेगा 2 करोड़ लोगों का हुजूम

दूसरी ओर, ईरान से एक और बड़ी और भावुक कर देने वाली खबर आ रही है। ईरान के मशहद (Mashhad) शहर में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के निधन के 4 महीने बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (अंतिम संस्कार) करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अंतिम विदाई को इतिहास के सबसे बड़े जनसमूहों में से एक माना जा रहा है। ईरानी प्रशासन और स्थानीय मीडिया के अनुमान के मुताबिक, इस अंतिम संस्कार में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इतनी विशाल संख्या को देखते हुए मशहद शहर और पूरे देश में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।

इन दोनों घटनाक्रमों के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें मध्य पूर्व की बदलती भू-राजनीति (Geopolitics) और अमेरिका-ईरान के आगामी रुख पर टिकी हुई हैं।

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