छत्तीसगढ़ की घटेंगी दूरियां, बढ़ेगी विकास की रफ्तार: मॉडिफाइड उड़ान योजना को लेकर केंद्र और राज्य के बीच बड़ा समझौता

रायपुर: छत्तीसगढ़ में हवाई संपर्क (Air Connectivity) को और मजबूत करने तथा प्रदेश के विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर बताया है।
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक पहुंचेगा फायदा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस समझौते से प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और व्यापार, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का मुख्य प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ-साथ राज्य के दूरस्थ और छोटे इलाकों तक भी पहुंचे।
आपातकालीन सेवाओं और हेली-कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
योजना के तहत प्रदेश में नई हवाई पट्टियों के विकास के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी (Heli-Connectivity) का विस्तार किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी त्वरित मदद मिल सकेगी।
पीएम मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।
योजना का मुख्य लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के तहत देश भर में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 नए हवाई अड्डे और दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

