सेवा संकल्प अभियान के तहत जशपुर में जैव विविधता संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

जशपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर वनमंडल में जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संरक्षण को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, स्थानीय समुदायों और वन विभाग के मैदानी अमले को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ना तथा स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को ‘नागरिक विज्ञान’ की अवधारणा से परिचित कराया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को अपने आसपास मौजूद वनस्पतियों और वन्यजीवों का वैज्ञानिक तरीके से अवलोकन, पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में वन मुख्यालय रायपुर के विषय विशेषज्ञ डॉ. अनिल श्रीवास्तव और कृषि महाविद्यालय, अम्बिकापुर के रिसर्च एसोसिएट यमलेश निषाद ने जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारणों के साथ-साथ पर्यावरण, वन पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से समझाया।
विशेषज्ञों ने बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप वन क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपायों पर भी प्रतिभागियों से चर्चा की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में युवाओं और समुदायों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
‘युवान’ पहल के जरिए जैव विविधता की पहचान और अभिलेखीकरण का प्रशिक्षण
फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्यूरिटी, रायपुर की ‘युवान’ पहल के तहत युवाओं को स्थानीय जैव विविधता के वैज्ञानिक अवलोकन और उसके दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर जैव विविधता से संबंधित जानकारी एकत्र कर उसका व्यवस्थित अभिलेखीकरण किस प्रकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में ‘मेरा युवा भारत’, जशपुर के स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान पक्षियों, तितलियों और सरीसृपों की पारिस्थितिकी में भूमिका तथा इनके संरक्षण की आवश्यकता पर जानकारी दी गई।
प्रकृति भ्रमण और बर्ड वाचिंग से मिला व्यावहारिक अनुभव
प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रतिभागियों को प्रकृति भ्रमण और बर्ड वाचिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया। इस दौरान युवाओं ने स्थानीय वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की पहचान, उनके व्यवहार का अवलोकन तथा जैव विविधता से जुड़ी जानकारियों को दर्ज करने की प्रक्रिया सीखी।
कार्यक्रम ने युवाओं को अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता को समझने के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए जिम्मेदारीपूर्ण भागीदारी के प्रति प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जशपुर वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विषय विशेषज्ञ, युवा स्वयंसेवक और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

