कर्मा पर्व प्रकृति और जनजातीय संस्कृति का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कर्मा पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की आदिवासी परंपरा पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री तमनार विकासखंड के ग्राम सारसमाल में उरांव समाज विकास समिति द्वारा आयोजित कर्मा पूजा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान करम देव, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मांदर बजाकर समाजजनों के साथ पारंपरिक कर्मा नृत्य भी किया।

साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय महापुरुषों का बलिदान समाज की अमूल्य विरासत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार प्रयास आवासीय विद्यालय, नालंदा परिसर, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन के माध्यम से शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह और उरांव समाज विकास समिति के अध्यक्ष पनत राम भगत ने भी समाज की संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया। महोत्सव में पारंपरिक कर्मा नृत्य के माध्यम से जनजातीय लोकसंस्कृति की मनोहारी झलक देखने को मिली।