दण्डक ब्रांड को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी

दंतेवाड़ा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की पदाधिकारियों और महिला सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कंपनी को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त होने पर बधाई दी। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें अपने ‘दण्डक ब्रांड’ के चावल का पैकेट भेंट किया।

मुलाकात के दौरान विजय शर्मा ने कंपनी की गतिविधियों, उत्पादों की बिक्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैविक प्रमाणीकरण मिलने से दण्डक ब्रांड के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के नए अवसर खुलेंगे। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।

उप मुख्यमंत्री ने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर बाजार का विस्तार करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने महिलाओं को निर्यात की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयारी करने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए प्रोत्साहित किया।

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की देश-विदेश के बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों को मिलना चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और आजीविका के नए रास्ते खुलें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दे रही है। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला जैविक प्रमाणीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों में, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता रहा है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को निर्धारित मानकों के अनुसार जैविक प्रमाणीकरण दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे उत्पादों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा जिले में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। कंपनी को हाल ही में वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन मिला है। यह प्रदेश में बिहान मिशन के तहत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज के लिए यह प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

इस उपलब्धि से कंपनी के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। वर्तमान में कंपनी से 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इसके अलावा जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबंधित 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं।

कंपनी महिलाओं को वनोपज संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।

दण्डक ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को मिल रही पहचान

माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी ने स्थानीय उत्पादों को बाजार में अलग पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘दण्डक ब्रांड’ शुरू किया है। इसके अंतर्गत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी जैसे उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। कंपनी ने दंतेवाड़ा में एक विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया है, जहां विभिन्न स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।

कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाएं अपने द्वारा संग्रहित वनोपज को मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में बेचती थीं। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बड़े बाजार मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इससे उन्हें बेहतर कीमत प्राप्त करने और अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम. भार्गव सहित कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर, कोषाध्यक्ष सरिता ठाकुर, सचिव मीना ठाकुर और अन्य महिला सदस्य उपस्थित रहीं।