दुर्ग: 6 साल की भतीजी से दुष्कर्म और हत्या के दोषी चाचा को ‘डबल मृत्युदंड’, पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में चतुर्थ एफटीएससी एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने 6 वर्षीय मासूम भतीजी के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी सगे चाचा सोमेश यादव को डबल मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश अनिष दुबे की अदालत ने इसे “दुर्लभ से दुर्लभतम” (Rare of Rare Case) माना। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “जब बच्चियों के खिलाफ ऐसे अपराध घर के सदस्य ही करने लगें, तो वे कहां सुरक्षित रहेंगी।”
वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा: घटना अप्रैल 2025 की रामनवमी के दिन की है। आरोपी ने कन्याभोज के लिए आई मासूम को छत पर बने कमरे में बुलाकर वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए उसे पास खड़ी बंद कार में डाल दिया, जहां दम घुटने और शॉक से उसकी मौत हो गई। हालांकि मामले के अधिकांश गवाह मुकर गए थे, लेकिन पुलिस की तत्परता और डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग के ठोस वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोप साबित हुए।
सजा का विवरण:
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पॉक्सो एक्ट धारा 6(1): मृत्युदंड + ₹5,000 जुर्माना
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BNS धारा 103(1) (हत्या): मृत्युदंड + ₹5,000 जुर्माना
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BNS धारा 238(क) (साक्ष्य छिपाना): 5 साल का सश्रम कारावास + ₹1,000 जुर्माना
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पीड़ित परिवार को सहायता: ₹7 लाख क्षतिपूर्ति मुआवजा देने के आदेश।
अदालत के आदेशानुसार मृत्युदंड की पुष्टि के लिए नियमानुसार प्रकरण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर भेजा जा रहा है।
