IFAT इंडिया 2026 में छाया रायपुर का स्वच्छता मॉडल
रायपुर। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी स्वच्छता और टिकाऊ शहरी विकास के क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम की पहल को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। मुंबई में 9 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित IFAT इंडिया 2026 में निगम की टीम ने रायपुर में किए जा रहे स्वच्छता कार्यों, नवाचारों और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े प्रयासों को साझा किया।
रायपुर नगर निगम की ओर से अपर आयुक्त विनोद कुमार पांडेय और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यपालन अभियंता योगेश कडु ने आयोजन में भाग लिया। दोनों अधिकारियों ने तकनीकी सत्रों, विशेषज्ञ चर्चाओं और प्रदर्शनी के माध्यम से पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी सेवाओं से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी हासिल की।
शहर के लिए उपयोगी तकनीकों की संभावनाएं तलाशी
IFAT इंडिया को पर्यावरणीय तकनीक और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है। आयोजन के दौरान रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसी कई तकनीकों और समाधानों का अध्ययन किया, जिन्हें शहर की जरूरत और व्यवहार्यता के अनुसार भविष्य में अपनाया जा सकता है।
इनमें जल निकायों और नदियों में बहकर आने वाले कचरे को रोकने के लिए फ्लोटिंग ट्रैश बैरियर, जल स्रोतों की तत्काल निगरानी के लिए सेंसर आधारित जल गुणवत्ता मॉनिटरिंग सिस्टम, विभिन्न विकास परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी के लिए ICT आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और जलापूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क के विस्तार के लिए ट्रेंचलेस पाइप लेइंग तकनीक प्रमुख रही।
इन तकनीकों के उपयोग से शहर में जल संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था, परियोजनाओं की निगरानी और नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय मंच पर रखा रायपुर का स्वच्छता मॉडल
IFAT इंडिया के दौरान आयोजित उच्च स्तरीय गोलमेज चर्चा “क्लीन सिटीज से सर्कुलर सिटीज तक : भारत में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का भविष्य” में अपर आयुक्त विनोद कुमार पांडेय ने पैनलिस्ट के रूप में रायपुर का प्रतिनिधित्व किया।
चर्चा का संचालन KPMG के एसोसिएट पार्टनर हिमांशु चतुर्वेदी ने किया। इसमें विभिन्न नगर निकायों, स्वच्छता विशेषज्ञ संस्थाओं और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पैनल में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के उप आयुक्त किरण दिघावकर, सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज की महाप्रबंधक यामिनी वर्मा, RCUES-AIILSG मुंबई के निदेशक डॉ. अजीत साल्वी, आपदा प्रबंधन एवं कंट्रोल रूम विभाग के निदेशक महेश एल. नार्वेकर, CDD सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षवर्धन और साहस ज़ीरो वेस्ट की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शोभा राघवन शामिल रहे।
कचरा प्रबंधन से सर्कुलर इकोनॉमी तक रायपुर की पहल
गोलमेज चर्चा के दौरान विनोद कुमार पांडेय ने रायपुर नगर निगम की विभिन्न स्वच्छता पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शहर में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, RRR सेंटर, जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान, संसाधन पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण जैसी गतिविधियों के माध्यम से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने रायपुर में कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग करने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
रायपुर के स्वच्छता मॉडल और नवाचारों को चर्चा में शामिल विशेषज्ञों, नगरीय निकायों और उद्योग प्रतिनिधियों ने सराहा।
नई तकनीकों से शहरी सेवाओं को मिलेगी मजबूती
IFAT इंडिया 2026 में रायपुर नगर निगम की भागीदारी से अधिकारियों को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रबंधन और डिजिटल तकनीक से जुड़े आधुनिक समाधानों को समझने का अवसर मिला।
नगर निगम के लिए यह आयोजन नई तकनीकों और देश-विदेश में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने के साथ-साथ भविष्य की शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तलाशने का माध्यम बना। इन तकनीकों के व्यवहारिक उपयोग से रायपुर में आने वाले समय में स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक शहरी सेवाओं को और मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
