सक्ती में 2 लाख परिवारों का पक्के घर का सपना हुआ साकार
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की सौगात
सक्ती। छत्तीसगढ़ में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में राज्यस्तरीय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गृह प्रवेश समारोह के दौरान एक बड़ा पड़ाव हासिल हुआ। सक्ती में आयोजित समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों में हितग्राही परिवारों ने गृह प्रवेश किया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से नए घरों की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 3 लाख 65 हजार अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने और बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की अवधि बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक किए जाने की घोषणा भी की गई। अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति से संबंधित पत्र केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।
प्रदेश में रोजाना 1600 से ज्यादा आवास हो रहे तैयार
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य देश के गरीब, किसान, महिला और ग्रामीण परिवारों के जीवन को बेहतर बनाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी उद्देश्य का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति लगातार तेज हुई है और प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल मकान बनाकर देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है। पक्के आवास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े परिवारों को उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। इससे एक पक्के मकान के साथ परिवारों के जीवन में सुविधाओं और सुरक्षा का दायरा भी बढ़ रहा है।
कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। धान उत्पादन के लिए पहचान रखने वाला प्रदेश अब सब्जी उत्पादन सहित कृषि के अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से प्रयास कर रही हैं।
सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत तकनीक, फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती से जुड़ी विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध होगी। इससे कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
गरीब परिवारों को पक्का घर देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रति उनका हमेशा विशेष लगाव रहा है। उनके प्रदेश प्रवास के दौरान राज्य को विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगातें मिलती रही हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए घरों में प्रवेश करने वाले 2 लाख परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि गरीब परिवारों को पक्का और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया था। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के आधार पर आवासों के लक्ष्य की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में सामने आए शेष पात्र परिवारों को भी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्षमता, मेहनत और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की करीब 70 लाख माताओं-बहनों को लाभ मिल रहा है। योजना के तहत अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में पहुंचाई जा चुकी है। सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिजली बिल समाधान योजना के तहत अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं।
ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाले अभियानों की शुरुआत
समारोह में केवल आवासों के गृह प्रवेश तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण विकास से जुड़े कई नए अभियानों और नवाचारों की शुरुआत भी की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित 2 लाख घरों में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन की शुरुआत की गई।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान शुरू किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का विमोचन किया गया। वहीं इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के तहत चैलेंज फंड इवेंट का भी शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के दौरान आजीविका गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली लखपति दीदियों और डीलर दीदियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य : तोखन साहू
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को केंद्र में रखते हुए सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीब, किसान, महिला और ग्रामीण परिवारों के हित में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश में विकास की रफ्तार बढ़ी है। गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ रोजगार और आजीविका के अवसरों का भी विस्तार हो रहा है।
किसी पात्र परिवार को आवास से वंचित नहीं रहने देंगे : विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद अब तक 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि पात्रता रखने वाला कोई भी परिवार पक्के आवास के लाभ से बाहर न रहे।
उन्होंने कहा कि सामान्य जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की जरूरतों पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास का दायरा केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मुक्तिधाम शेड सहित जरूरी अधोसंरचना का निर्माण भी वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से कराया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों में बारकोड की व्यवस्था लागू की जा रही है। नागरिक बारकोड स्कैन करके संबंधित कार्य की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे ग्रामीण विकास कार्यों की निगरानी में आम लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आभार व्यक्त किया। समारोह में सांसद कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपती कीर्तन चंद्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
