छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 सितंबर से बढ़ेगी बारिश; बंगाल की खाड़ी में बन सकता है लो प्रेशर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो सकता है।

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इस दौरान राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड और दुर्ग में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 9 सितंबर को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, 10 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ राजधानी के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

मानसून की बारिश सामान्य से 6 फीसदी कम

छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से कुछ कम रही है। 1 जून से 8 सितंबर के बीच प्रदेश में औसतन 952.2 मिमी यानी करीब 37.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1008.2 मिमी यानी करीब 39.7 इंच है।

इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में रखा है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।

18 जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश में मानसून की बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा है। 33 जिलों के आंकड़ों के अनुसार 18 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 15 जिलों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रही है।

अब बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र पर मौसम विभाग की नजर है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ सकता है और मानसून की कमी वाले जिलों को भी राहत मिलने की संभावना है।