अमेरिका-ईरान में छिड़ा भीषण युद्ध! अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान ने दागीं मिसाइलें, 4 देशों के US ठिकानों पर ड्रोन हमले
वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और दोनों देश सीधे युद्ध के मुहाने पर खड़े हो गए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर किए गए बड़े हवाई हमले के जवाब में अब तेहरान ने भी पलटवार करते हुए कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ग्रेटर टुनब द्वीप पर अमेरिका की जोरदार एयरस्ट्राइक
मामले की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी सेना ने अचानक एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटी (मिसाइल गोदामों) पर जोरदार एयरस्ट्राइक की। बताया जा रहा है कि अमेरिका का मुख्य निशाना ग्रेटर टुनब द्वीप पर स्थित ईरानी ठिकाने थे, जहां भारी बमबारी की गई है। इस हमले में ईरान को बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
ईरान का खौफनाक पलटवार: 4 देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के कुछ ही घंटों बाद ईरान की राजधानी तेहरान से जवाबी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए। ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सेना के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ताबड़तोड़ मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है:
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बहरीन: यहां स्थित अमेरिकी नौसैनिक और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले हुए हैं।
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कुवैत और जॉर्डन: इन दोनों देशों में सक्रिय अमेरिकी एयरबेस और कैंपों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं।
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इराक (एरबिल): इराक के एरबिल स्थित अमेरिकी बेस पर 5 आत्मघाती ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है।
वैश्विक संकट गहराया, अलर्ट पर दुनिया
इस भीषण सैन्य टकराव के बाद खाड़ी देशों सहित पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव तुरंत नहीं रुका, तो यह एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
