रायपुर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा कल: 11 वैदिक पंडित कराएंगे महाअभिषेक, जानें पूरा शेड्यूल

रायपुर, 15 जुलाई 2026:

राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल यह भव्य रथयात्रा कल, यानी 16 जुलाई 2026 को बेहद ही श्रद्धा, पारंपरिक हर्षोल्लास और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली जाएगी। वहीं, भगवान की वापसी की यात्रा यानी बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई 2026 को संपन्न होगी।

इस नौ दिवसीय रथयात्रा महोत्सव को लेकर मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन और महाअभिषेक

रथयात्रा के पावन अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इस वर्ष 11 सिद्ध वैदिक पंडितों की देखरेख में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का विशेष पूजन व महाअभिषेक संपन्न कराया जाएगा। इस दौरान महाप्रभु को विशेष भोग अर्पित कर पूरे छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाएगी।

रथयात्रा का मुख्य कार्यक्रम (16 जुलाई)

  • रथ प्रतिष्ठा और विशेष पूजा: सुबह से ही मंदिर परिसर शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गूंज उठेगा। इस दौरान रथों की पूजा-अर्चना और प्रतिष्ठा की महत्वपूर्ण रस्में पूरी की जाएंगी।

  • छेरा पंहरा रस्म: परंपरा के अनुसार, रथयात्रा की शुरुआत से ठीक पहले सोने की झाड़ू से रथ के चबूतरे की सफाई (छेरा पंहरा) की बेहद खास रस्म अदा की जाएगी।

  • रथ खींचना (महाप्रस्थान): दोपहर के शुभ मुहूर्त में महाप्रभु जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी अपने सुसज्जित रथों पर सवार होकर मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के साथ भगवान के रथ को खींचेंगे।

24 जुलाई को होगी बाहुड़ा यात्रा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) में कुछ दिन विश्राम करने के बाद वापस अपने मुख्य धाम लौटते हैं। महाप्रभु की इस वापसी यात्रा को बाहुड़ा यात्रा कहा जाता है, जो 24 जुलाई को पूरे विधि-विधान और पारंपरिक गरिमा के साथ आयोजित की जाएगी।

🌸 दर्शनार्थियों के लिए विशेष इंतजाम: महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर समिति और रायपुर पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा, सुचारू यातायात, बैरिकेडिंग और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो।