1 सितंबर से जेब पर झटका: कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा, टाटा और हुंडई की कारें खरीदने के लिए ढीली करनी होगी जेब

नई दिल्ली:

महीने की पहली तारीख यानी 1 सितंबर से आम जनता और कारोबारियों को महंगाई का दोहरा झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने जहां एक तरफ कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए हैं, वहीं देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल दिग्गज टाटा मोटर्स और हुंडई मोटर्स ने अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने का फैसला लागू कर दिया है।

कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा

तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹9.50 से लेकर ₹11.50 प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली और मुंबई में 19 kg वाला सिलेंडर ₹9.50 महंगा होकर उपलब्ध होगा। वहीं, कोलकाता में इसके दामों में सबसे अधिक ₹11.50 की वृद्धि दर्ज की गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्तरां, ढाबों और खान-पान के कारोबार से जुड़े लोगों की लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने की चीजों के बिल पर पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 kg) के सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कार खरीदना हुआ महंगा, ₹25,000 तक बढ़े दाम

त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले कार खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों को भी तगड़ा झटका लगा है। टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी प्रमुख ऑटोमेकर कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में ₹25,000 तक का इजाफा कर दिया है।

यह बढ़ोतरी पेट्रोल, डीजल (ICE) के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के चुनिंदा मॉडल और वेरिएंट्स पर लागू होगी। ऑटो कंपनियों का कहना है कि इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) में लगातार हो रही बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव के कारण उन्हें कीमतों में यह संशोधन करने पर मजबूर होना पड़ा है।