शहरों में बेकार पड़ी जमीनों का होगा कायाकल्प: सरकार ला रही है नई रिडेवलपमेंट योजना, GIS मैपिंग से रखी जाएगी पैनी नजर

रायपुर। शहरी विकास को एक नई दिशा देने और जमीन के सीमित संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए सरकार एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इसके तहत शहरों के भीतर सालों से बेकार और अनुपयोगी पड़ी सरकारी व निजी जमीनों का रिडेवलपमेंट (पुनर्विकास) किया जाएगा। इस नई रिडेवलपमेंट नीति के तहत इन जमीनों पर अत्याधुनिक हाउसिंग (आवासीय) और कमर्शियल (व्यावसायिक) प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे।

इस पूरी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए आधुनिक GIS (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

GIS मैपिंग से होगी जमीनों की सटीक निगरानी

योजना को पारदर्शी बनाने और किसी भी प्रकार के गतिरोध से बचने के लिए सरकार पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी करेगी। GIS मैपिंग के जरिए शहरों की ऐसी सभी जमीनों को चिन्हित किया जा रहा है जो लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी हैं।

  • सटीक ट्रैकिंग: इस तकनीक से जमीन की लोकेशन, उसका क्षेत्रफल और आस-पास के इंफ्रास्ट्रक्चर की सटीक जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।

  • अतिक्रमण पर लगाम: डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण इन जमीनों पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे या अतिक्रमण की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर उसके पूरा होने तक, हर चरण की मॉनिटरिंग GIS सैटेलाइट डेटा के जरिए की जाएगी।

हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

शहरी इलाकों में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जमीनों का यह रिडेवलपमेंट गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  1. सस्ती और आधुनिक हाउसिंग: बेकार पड़ी प्राइम लोकेशन की जमीनों पर वर्टिकल ग्रोथ (मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स) को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे आम जनता को शहर के बीचों-बीच किफायती आवास मिल सकेंगे।

  2. बिजनेस हब और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स: इन जमीनों पर नए मार्केट, ऑफिस स्पेस और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।

शहरी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में आएगा बड़ा सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से शहरों का अनियोजित विस्तार (Urban Sprawl) रुकेगा। जब शहर के भीतर ही मौजूद बेकार जमीनों का सही इस्तेमाल होगा, तो सड़कों, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को नए दूर-दराज के इलाकों तक खींचने का खर्च बचेगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इस रिडेवलपमेंट प्लान को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) और सस्टेनेबल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार जल्द ही इस नई नीति का आधिकारिक ड्राफ्ट साझा कर सकती है, जिसके बाद पहले चरण में चुनिंदा बड़े महानगरों और तेजी से बढ़ते शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जाएगी।

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