छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: मर रहे चमगादड़, पेड़ों पर कराया जा रहा पानी का छिड़काव
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। बालोद जिले के दल्लीराजहरा स्थित BSP एमव्हीटी सेंटर में तेज गर्मी के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो रही है। हालात ऐसे हैं कि रोजाना करीब 200 चमगादड़ मर रहे थे, जिसके बाद वन विभाग ने पेड़ों पर पानी का छिड़काव शुरू कराया है।
राज्य में अगले दो दिन गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू चल सकती है। हालांकि इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। अगले 24 घंटे में कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और हवाएं चलने की संभावना है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।
दुर्ग सबसे गर्म, 45.5°C पहुंचा तापमान
पिछले 24 घंटे में दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा।
बुधवार को रायपुर के देवपुरी इलाके में अचानक आई आंधी के चलते बिजली का पोल गिर गया था। इससे पहले खैरागढ़ और कांकेर जिले में भीषण गर्मी के कारण मोर, सीवेट और चमगादड़ समेत सैकड़ों वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।
नौतपा में बढ़ा हीटस्ट्रोक का खतरा
नौतपा के दौरान प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते हीटस्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर का कूलिंग सिस्टम प्रभावित होने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
लू से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- चक्कर, तेज बुखार, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
