स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर की बड़ी छलांग, देश में छठे स्थान पर पहुंचा
189 अंक के साथ पांच पायदान ऊपर आया रायपुर, टॉप-5 से महज दो अंक दूर; तीन साल में पीएम10 में करीब 18% की कमी
रायपुर। प्रदूषण को लेकर लगातार चर्चा में रहने वाली राजधानी रायपुर की हवा में सुधार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंकिंग मिली है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर ने पांच स्थान की छलांग लगाकर देश के शहरों में छठी रैंक हासिल की है। वर्ष 2025 में रायपुर 11वें स्थान पर था। इस बार शहर को 200 में से 189 अंक मिले हैं।
रायपुर टॉप-5 में जगह बनाने से केवल दो अंक पीछे रह गया। 191 अंकों के साथ सूरत पांचवें स्थान पर रहा। वहीं लखनऊ ने 198 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा को 192-192 अंक मिले और दोनों शहर संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे।
इन मानकों पर होता है शहरों का मूल्यांकन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों और उनके प्रभाव के आधार पर तय की जाती है। इसमें सड़क से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों एवं औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन समेत कई बिंदुओं का आकलन किया जाता है।
रायपुर नगर निगम के अनुसार, शहर में प्रतिदिन करीब 150 किलोमीटर सड़कों की मशीनों के माध्यम से सफाई की जा रही है। लगभग 100 किलोमीटर सड़क पर पैच रिपेयर का काम भी कराया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शहर में 26,254 ई-वाहन और 30 चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं। कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं।
निगम ने हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सालभर में 42 हजार पौधे लगाने की जानकारी दी है। इनमें से 91.30 प्रतिशत पौधों के जीवित रहने का दावा किया गया है।
पीएम10 में लगातार गिरावट, लेकिन अभी भी तय सीमा से ज्यादा
रायपुर में पीएम10 प्रदूषण के स्तर में पिछले तीन वर्षों के दौरान लगातार कमी दर्ज की गई है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 में पीएम10 का वार्षिक औसत स्तर 78 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था। इसके बाद 2023-24 में यह 76, 2024-25 में 75 और 2025-26 में घटकर 64 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर हो गया।
इस तरह तीन साल में पीएम10 के स्तर में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, प्रदूषण का स्तर अभी भी निर्धारित सीमा से ऊपर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार पीएम10 का वार्षिक औसत स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक होना चाहिए। इस लिहाज से रायपुर का वर्तमान स्तर निर्धारित मानक से चार माइक्रोग्राम अधिक है।
रायपुर के दो वार्डों को भी मिला सम्मान
स्वच्छ वायु से जुड़े राज्य स्तरीय पुरस्कारों में रायपुर के दो वार्डों ने भी स्थान बनाया है। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में वार्ड-46 सिविल लाइन को चुना गया है। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी की श्रेणी में वार्ड-30 शंकर नगर को पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
इन वार्डों में नगर निगम की ओर से किए गए प्रयासों के साथ स्थानीय नागरिकों की जागरूकता को भी उपलब्धि का अहम आधार माना गया है। 10 हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में भिलाई के वार्ड-5 कोसा नगर को चयनित किया गया है।
