पीएम श्री स्कूल कोड़ातराई में शिक्षक सम्मान और फन फेयर का आयोजन, नवीन भवन का भूमिपूजन

शिक्षा में नवाचार और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देना जरूरी: ओपी चौधरी

रायगढ़। बदलते तकनीकी और सामाजिक परिवेश में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जिज्ञासा, समस्या समाधान और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना भी है। बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और नए प्रयोगों के अवसर देना आज की आवश्यकता है। यह विचार वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने पीएम श्री शासकीय विद्यालय कोड़ातराई में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित शिक्षक सम्मान सह फन फेयर कार्यक्रम में व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान ओपी चौधरी ने विद्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा, आत्मविश्वास तथा नवाचार की भावना की सराहना की।

उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ विद्यार्थियों को विषय पढ़ाने तक सीमित नहीं है। बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानना, उसे सही दिशा देना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं और विचारों को प्रयोग के माध्यम से सामने लाने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

फन फेयर बना विद्यार्थियों के नेतृत्व और प्रबंधन का मंच

पीएम श्री स्कूल कोड़ातराई का फन फेयर विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपनी क्षमताओं को व्यवहार में उतारने का अवसर बना। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। मंच संचालन से लेकर अतिथि सत्कार, अनुशासन व्यवस्था, समय प्रबंधन, कूपन वितरण और स्टॉल संचालन तक की जिम्मेदारी विद्यार्थियों ने निभाई।

फन फेयर में बड़ा, डोसा, मंचुरियन, चाउमिन, फ्रेंच फ्राई, चना रोस्ट, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।

ओपी चौधरी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से सीखने का अवसर देती हैं। इससे उनमें टीमवर्क, नेतृत्व, संवाद कौशल, प्रबंधन क्षमता और सही समय पर निर्णय लेने का आत्मविश्वास विकसित होता है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचानने तथा नए विचारों पर काम करने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे व्यावहारिक अनुभव भविष्य में उनके भीतर नवाचार और स्टार्टअप जैसी उद्यमशील सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का किया सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और कार्यालयीन कर्मचारियों का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन और योगदान को याद किया।

विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार सिन्हा ने पीएम श्री योजना के तहत विद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ व्याख्याता रामसागर पटेल ने आभार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद अध्यक्ष हेमलता हरिशंकर चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यालयीन कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।