छत्तीसगढ़ में मजबूत होगा रेल नेटवर्क

छत्तीसगढ़ में मजबूत होगा रेल नेटवर्क, तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी का मुख्यमंत्री साय ने किया स्वागत

रायपुर, 10 सितंबर 2026। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। करीब 10 हजार 783 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं में बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इन रेल परियोजनाओं से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में चल रहे प्रयासों को नई गति मिलेगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, व्यापार और परिवहन को मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।

इन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी रेल लाइन भी शामिल है। सभी परियोजनाओं को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने के बाद पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेल परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

656 किलोमीटर बढ़ेगा रेलवे नेटवर्क

प्रस्तावित परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ लगभग 4,790 गांवों और 56 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी के रूप में मिलेगा।

बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन के निर्माण से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों के संचालन में सुगमता आएगी और मौजूदा रेल यातायात का दबाव कम होगा। इससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक प्रभावी, तेज और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।

उद्योगों को मिलेगा परिवहन का लाभ

छत्तीसगढ़ के लिए इन परियोजनाओं का महत्व केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं है। राज्य से कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसे प्रमुख औद्योगिक उत्पादों के परिवहन को भी इससे बेहतर आधार मिलेगा। देश के अन्य हिस्सों से प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान

रेल कनेक्टिविटी में सुधार का सकारात्मक असर पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ेगा। अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार और रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

गति शक्ति मास्टर प्लान के अनुरूप परियोजनाएं

तीनों रेल परियोजनाओं को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की अवधारणा के अनुरूप तैयार किया गया है। इनका प्रमुख उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

परियोजनाओं से परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ने के साथ करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत और लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। इस तरह रेल नेटवर्क का विस्तार आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।