रायपुर के स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश, संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट

रायपुर के स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश, संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट के तहत केस

रायपुर। शहर के श्याम स्क्वायर स्थित इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में गुरुवार को पुलिस ने छापा मारकर जांच की। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान सेंटर से कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। मौके पर मौजूद युवतियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने स्पा संचालक और मैनेजर के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

यह कार्रवाई एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में सिविल लाइन और देवेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस के मुताबिक स्पा सेंटर का संचालन टिकरापारा निवासी हरविंदर सिंह ग्रोवर द्वारा किया जा रहा था, जबकि भिलाई-3 निवासी मुकेश कुमार वर्मा मैनेजर के रूप में काम कर रहा था।

युवतियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ी

पुलिस का कहना है कि सेंटर में दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद युवतियों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में कुछ युवतियों ने संचालक और मैनेजर पर जबरन देह व्यापार कराने के आरोप लगाए।

पुलिस ने युवतियों के बयान, मौके से मिली सामग्री और अन्य तथ्यों को जांच का आधार बनाया है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

पीटा एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस कार्रवाई के बाद हरविंदर सिंह ग्रोवर और मुकेश कुमार वर्मा के खिलाफ देवेंद्र नगर थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 यानी पीटा एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्पा सेंटर में गतिविधियां किस तरह संचालित हो रही थीं और इसमें संचालक एवं मैनेजर की क्या भूमिका थी।

दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाने की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि सेंटर में काम करने वाली युवतियों को दूसरे राज्यों से रायपुर तक किस माध्यम से लाया गया था। उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया, सेंटर से जुड़े दस्तावेज और वहां संचालित गतिविधियों से संबंधित अन्य जानकारियां भी खंगाली जा रही हैं।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता कर रही है कि स्पा सेंटर में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।

फिलहाल पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और युवतियों के बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।