ऑक्सीजोन से रिवर फ्रंट और मरीन ड्राइव तक मैराथन निरीक्षण, अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने के निर्देश

रायगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने लिया प्रमुख परियोजनाओं का जायजा

रायगढ़। विकसित भारत के लक्ष्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विस्तार को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ शहर को आधुनिक, व्यवस्थित और सुविधायुक्त स्वरूप देने के लिए चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को मैराथन निरीक्षण किया।

उन्होंने शहर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का मौके पर जायजा लिया तथा अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इनका सीधा लाभ शहर के नागरिकों को मिलना चाहिए।

ऑक्सीजोन से पुल और रिवर फ्रंट तक विकास कार्यों की समीक्षा

ओपी चौधरी ने अपने निरीक्षण की शुरुआत दूध डेयरी ऑक्सीजोन से की। इसके बाद गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर और एसईसीएल रोड स्थित मरीन ड्राइव का निरीक्षण किया।

उन्होंने कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम में निर्माणाधीन स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन सहित विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति भी देखी। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और आगामी चरणों की जानकारी ली।

वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और नागरिकों को समय पर सुविधाएं मिल सकें।

औद्योगिक शहर की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो रहा नया इंफ्रास्ट्रक्चर

ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ एक प्रमुख औद्योगिक शहर है, लेकिन लंबे समय तक औद्योगिक गतिविधियों के अनुरूप शहर की अधोसंरचना का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। इसका असर यातायात व्यवस्था के साथ-साथ भारी वाहनों के दबाव, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं के रूप में सामने आया।

उन्होंने कहा कि अब इन चुनौतियों का स्थायी समाधान तलाशते हुए शहर में बड़े और सुनियोजित अधोसंरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। बेहतर सड़कें, नए पुल, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था रायगढ़ के भविष्य के विकास की आधारशिला बनेंगे।

रिंग रोड परियोजना को बताया भविष्य के लिए अहम

वित्त मंत्री ने रायगढ़ की रिंग रोड परियोजना को शहर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले चरण में घरघोड़ा रोड को झारसुगुड़ा रोड से जोड़ने का काम प्रस्तावित है, जिस पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करने, यातायात को सुगम बनाने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी।

एक-दो साल में जमीन पर दिखेगा बदलाव

ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में अधोसंरचना विकास की दिशा में जिस स्तर पर काम आगे बढ़ रहा है, उसका व्यापक असर आने वाले एक-दो वर्षों में जमीन पर दिखाई देगा। सरकार का लक्ष्य शहर को ऐसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों की जरूरतों के अनुरूप हों।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ को बेहतर सड़क नेटवर्क, मजबूत पुलों, हरित क्षेत्रों, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं और बेहतर शहरी अधोसंरचना से लैस करने का प्रयास किया जा रहा है। विकास की इन परियोजनाओं का अंतिम उद्देश्य रायगढ़ के नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाना है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी, इंजीनियर और संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।