NEET Reform: नंदन नीलेकणी समिति इसी माह सौंपेगी पहली रिपोर्ट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की पारदर्शी संचालन व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। सरकार ने अदालत को सूचित किया कि इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति (High-Powered Committee) नीट परीक्षा सुधारों पर अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट इस महीने के अंत तक प्रस्तुत करेगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पास एक सुदृढ़ और स्थाई संस्थागत ढांचा होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों की गुंजाइश न रहे।

प्रस्तावित सुधारों के मुख्य बिंदु

नीलेकणी समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं पर काम कर रही है:

  • तकनीकी सुरक्षा: पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए एन्क्रिप्टेड डिजिटल ट्रांसफर और अत्याधुनिक डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग: परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और गड़बड़ियों की पहचान के लिए AI आधारित तकनीकों का समावेश।

  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: अभ्यर्थियों के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली।

अदालत ने केंद्र सरकार को अब तक समिति द्वारा किए गए कार्यों और आगामी रणनीतियों का विस्तृत ब्योरा देते हुए हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है।