नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, विकास कार्यों और प्रभावित परिवारों की सहायता को लेकर समीक्षा बैठक ली। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध एवं अदालतों में प्रक्रियाधीन मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए।
बैठक में जोर दिया गया कि गंभीर अपराध, जनहानि तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया जल्द अंतिम रूप दी जाए।
उप मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलों में अगले 15 दिनों के भीतर जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, 5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक संपन्न कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
पुनर्वासितों को भूमि, आवास, रोजगार और पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के निवासियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की विस्तार से समीक्षा की:
राज्य लौटे 900 पुनर्वासित: अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ वापस लौटे लगभग 900 आत्मसमर्पितों के आगमन पर खुशी जताते हुए गृह मंत्री ने उन्हें आजीविकापरक प्रशिक्षण, मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट देने के निर्देश दिए।
पहचान पत्र एवं राशन कार्ड: सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अनिवार्य पहचान पत्र तुरंत बनाने के निर्देश दिए गए।
सुविधाओं का सीधा लाभ: पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाला भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और लंबित इनाम राशि का भुगतान समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया गया।
शहीदों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक, सार्वजनिक स्थलों का होगा नामकरण
नक्सल हिंसा में शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति को सहेजने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
जनोपयोगी स्मारक: शहीदों की याद में बनने वाले स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें यात्री प्रतीक्षालय व सार्वजनिक उपयोग के केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्थानों का नामकरण: पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल मैदान, चौक-चौराहों और सड़कों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने की कार्रवाई अगले महीने तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुकंपा नियुक्ति और सहायता: शहीद जवानों के परिजनों और नक्सल हिंसा से प्रभावित मृत नागरिकों के आश्रितों को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बस्तर के रसायन-मुक्त (Organic) गांवों की बनेगी पहचान
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने बस्तर के ऐसे गांवों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। धान उपार्जन से पहले इन गांवों को चिन्हित कर किसानों को उनकी जैविक उपज का उचित मूल्य दिलाया जाएगा। इस पहल में महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को भी बड़े पैमाने पर जोड़ा जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत, एडीजी श्री एस.आर.पी. कल्लूरी एवं एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव जैसे नक्सल प्रभावित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक वर्चुअली शामिल हुए।

