मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना से कुपोषित बच्चों को मिल रहा नया जीवन

रायपुर । बच्चों के बेहतर स्वास्थय और पोषण के लिए शासन लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आरंग विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका नियमित परीक्षण और समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की लगातार निगरानी की जाती है। जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण के लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी समय-समय पर जांच की जाती है और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में रेफर किया जाता है, जहां विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को विशेष देखभाल, पोषाहार और चिकित्सकीय उपचार मिलता है, साथ ही बच्चों के पालकों को सही पोषण एवं देखभाल के बारे में मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

योजना के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। जो बच्चे पहले कमजोर और बीमार रहते थे, उनके स्वास्थय और वजन में लगातार सुधार हो रहा है। बच्चे अब पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय और स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके परिवारों के चेहरे पर भी राहत और खुशी नजर आने लगी है। यह पहल न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि पालकों में भी जागरूकता बढ़ा रही है कि सही समय पर उपचार और पोषण कितना जरूरी है।

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