कानपुर में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, लू से जनजीवन बेहाल; 31 मई तक 8वीं तक के स्कूल बंद

कानपुर में मई की गर्मी लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। शहर में लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं एयरफोर्स स्टेशन पर तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

बुधवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। दोपहर 12 बजे तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रात का तापमान भी 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा था। लू के कारण दोपहर के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

स्कूलों की छुट्टी के समय छात्र-छात्राएं गर्म हवाओं से परेशान नजर आए। लोग धूप और गर्मी से बचने के लिए चेहरे पर कपड़ा, गमछा और स्कार्फ बांधकर निकल रहे हैं, जबकि कई लोग छाते का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक थार मरुस्थल से आने वाली गर्म हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में तेज धूप और शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। पूरे सप्ताह तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और लू चलने के आसार बने रहेंगे।

भीषण गर्मी के बीच शहर में कई सामाजिक संगठनों द्वारा राहगीरों के लिए शर्बत और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई। गन्ने का रस, शिकंजी और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वेदर स्टेशन के अनुसार 44 डिग्री सेल्सियस इस मई महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।

गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए पीजी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में 31 मई तक ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और अधिक से अधिक पानी पीने की अपील की है।

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