AI जनरेटेड फोटो विवाद के बाद IAS स्मिता सभरवाल का ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ कटाई पर जताई सख्त नाराजगी

सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड फोटो शेयर करने के बाद विवादों में घिरीं तेलंगाना कैडर की IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल का ट्रांसफर कर दिया गया है। 31 मार्च 2025 को स्मिता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक AI जनित तस्वीर शेयर की थी, जिसमें एक मोर और दो हिरण बुलडोजर की ओर भागते नजर आ रहे थे। यह तस्वीर हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास 400 एकड़ जमीन पर IT इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के विरोध में साझा की गई थी।

यूनिवर्सिटी छात्रसंघ पेड़ों की कटाई और वन्यजीवों पर खतरे के मुद्दे को लेकर विरोध कर रहा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। स्मिता सभरवाल के अलावा 20 अन्य अधिकारियों का भी तबादला किया गया है।

स्मिता सभरवाल की नई जिम्मेदारी

स्मिता सभरवाल का जन्म 19 जून 1977 को दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल में हुआ था। 2000 बैच की IAS अधिकारी स्मिता UPSC में चौथी रैंक हासिल कर सुर्खियों में आई थीं। वर्तमान में वे युवा उन्नति, पर्यटन और संस्कृति (YAT&C) की मुख्य सचिव थीं और पुरातत्व विभाग की निदेशक भी। अब उन्हें तेलंगाना वित्त आयोग में सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

2023 में BRS सरकार के समय वे मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव रहीं। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाया गया था।

तेलंगाना पुलिस ने जारी किया था नोटिस

12 अप्रैल को तेलंगाना पुलिस ने स्मिता सभरवाल को AI जनरेटेड फोटो शेयर करने को लेकर नोटिस जारी किया था। पुलिस ने कहा था कि यह पता लगाने के लिए पूछताछ जरूरी थी कि फोटो कहां से मिली और क्यों पोस्ट की गई। स्मिता ने इस पर कहा था कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और सभी के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास की जमीन पर किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि तेलंगाना में पेड़ कटाई की स्थिति गंभीर है और राज्य सरकार को केवल पेड़ों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या पर्यावरण प्रभाव आंकलन के बिना पेड़ों की कटाई की गई है।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

30 मार्च को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। पुलिस सुरक्षा में बुलडोजरों द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ काटने का प्रयास हुआ, जिस पर छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।