दलपत सागर के संरक्षण को मिली नई रफ्तार, NMDC CSR से 50 लाख की मंजूरी; जलकुंभी हटाकर होगा कायाकल्प
रायपुर, 31 अगस्त 2026। जगदलपुर की ऐतिहासिक पहचान और बस्तर की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर दलपत सागर के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ी पहल की गई है। लंबे समय से जलकुंभी की समस्या से जूझ रहे इस ऐतिहासिक जलाशय की सफाई और संरक्षण के लिए अब व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में जगदलपुर नगर निगम और एनएमडीसी नगरनार इस्पात संयंत्र के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पाण्डे के प्रयासों से हुए इस समझौते के तहत एनएमडीसी नगरनार अपने सीएसआर फंड से दलपत सागर के संरक्षण कार्यों के लिए 50 लाख रुपए उपलब्ध कराएगा। इसमें से प्रथम चरण के लिए 20 लाख रुपए की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
जलकुंभी हटाने से शुरू होगा सफाई अभियान
दलपत सागर की सतह पर लंबे समय से फैली जलकुंभी के कारण जलाशय की खूबसूरती प्रभावित होने के साथ जल की गुणवत्ता और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर भी चिंताएं सामने आती रही हैं। अब नगर निगम उपलब्ध राशि से चरणबद्ध तरीके से जलकुंभी हटाने और सरोवर की सफाई का कार्य करेगा।
सफाई अभियान के तहत जलाशय की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संरक्षण कार्य भी किए जाएंगे। इससे दलपत सागर के जल क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के साथ इसके प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।
शहर की पहचान और पर्यटन को मिलेगा लाभ
दलपत सागर जगदलपुर के प्रमुख ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों में शामिल है। यह केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और बस्तर की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसके संरक्षण से पर्यावरण को लाभ मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जलाशय के आसपास का क्षेत्र साफ-सुथरा और आकर्षक होने से स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही दलपत सागर को बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में और प्रभावी ढंग से विकसित करने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
CSR सहयोग से संरक्षण कार्यों को मिलेगा संबल
एनएमडीसी नगरनार का सीएसआर सहयोग दलपत सागर के संरक्षण अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम और एनएमडीसी के समन्वय से कार्यों को चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि निर्धारित राशि का उपयोग सफाई और संरक्षण के लिए प्रभावी तरीके से किया जा सके।
एमओयू के अवसर पर कलेक्टर, अपर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त सहित एनएमडीसी नगरनार की ओर से अधिशासी निदेशक टी.पी. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक और सहायक महाप्रबंधक मौजूद रहे। दलपत सागर के संरक्षण की इस पहल से जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
