गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में समीक्षा बैठक के दौरान गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मिशन के तहत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्रमुख खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए फीडर सेंटर, खेल अकादमियों और उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने की योजना है।

बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में आवासीय खिलाड़ियों की क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने का प्रस्ताव है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए विशेषज्ञ कोचिंग, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण और स्पोर्ट्स साइंस सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर टैलेंट हंट एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी के जरिए खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के अवसर देने की योजना है। महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समन्वय से काम करते हुए अगले पांच वर्षों की परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।