छत्तीसगढ़ बनेगा फिल्म शूटिंग का प्रमुख केंद्र, फिल्म नीति और चित्रोत्पला फिल्म सिटी पर मंथन
रायपुर, 4 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। इसी सिलसिले में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी नई पहचान
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिल्म शूटिंग के लिए प्राकृतिक और सिनेमैटिक लोकेशन की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां के खूबसूरत प्राकृतिक स्थल, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और विविध पर्यटन केंद्र फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर सकते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सुनियोजित प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में फिल्म शूटिंग के अनुकूल नए स्थानों की पहचान की जाए। इन स्थलों को विकसित करने के साथ फिल्म निर्माताओं और प्रोडक्शन हाउस के बीच उनका प्रभावी प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए।
फिल्म नीति में सुधार और चित्रोत्पला फिल्म सिटी को मिलेगी गति
बैठक में छत्तीसगढ़ की वर्तमान फिल्म नीति की समीक्षा करते हुए उसे अधिक व्यावहारिक, सरल और प्रभावी बनाने पर विचार किया गया। साथ ही प्रस्तावित चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास और उसे धरातल पर उतारने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार का प्रयास है कि राज्य में फिल्म शूटिंग से जुड़ी अनुमतियों और अन्य प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। इससे फिल्म निर्माताओं को अनुकूल वातावरण मिलेगा और अधिक से अधिक फिल्म निर्माण संस्थाएं छत्तीसगढ़ में शूटिंग के लिए प्रोत्साहित होंगी।
फिल्म निर्माण से स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, फिल्म तकनीशियनों, युवाओं और अन्य प्रतिभाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे फिल्म उद्योग और पर्यटन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में निफ्टेम (NIFTEM) के प्रस्तावित भ्रमण के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
