श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर: छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति, 56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में

रायपुर, 21 अगस्त 2026: राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में राज्य के श्रम विभाग ने प्रशासनिक सुधारों, त्वरित डिजिटल सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार किया है।

33 श्रम कार्यालयों का नेटवर्क और सुदृढ़ प्रशासनिक ढांचा श्रमिकों को त्वरित न्याय और सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य के प्रशासनिक ढांचे का विस्तार किया गया है:

  • कार्यालयों का विस्तार: प्रदेश के 5 नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त और 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालयों सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं।

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम में संशोधन कर श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किया जा रहा है।

56 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को मिला सामाजिक सुरक्षा का कवच संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों को सीधे योजनाओं से जोड़कर राहत दी जा रही है:

  • लाभार्थियों का दायरा: अब तक लगभग 56.83 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।

  • वित्तीय सहायता: वर्ष 2026 में 30 जून तक लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास हेतु 173.32 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

आवास सहायता और ई-रिक्शा अनुदान में डेढ़ गुना वृद्धि राज्य सरकार ने निर्माण और महिला श्रमिकों के लिए आर्थिक सहायता में बड़ा इजाफा किया है:

  • मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना: आवास निर्माण या घर खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है।

  • दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना: महिला निर्माण श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ई-रिक्शा खरीदी सहायता भी 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए आयाम श्रमिक परिवारों की भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में अभूतपूर्व पहलें लागू की गई हैं:

  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: पात्र निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

  • अटल कैरियर निर्माण योजना: इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा।

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना’ से कार्यस्थल पर नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जा रही है।

5 रुपये में पौष्टिक भोजन और डिजिटल पारदर्शिता

  • शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना: प्रदेश के 18 जिलों में संचालित 39 भोजन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • ई-श्रम साथी मोबाइल एप: स्वयं पंजीयन और सीधे रोजगार की जानकारी देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म।

  • मॉडल लेबर चौक: श्रमिकों के विश्राम, भोजन, पेयजल और पंजीयन सुविधाओं के लिए अत्याधुनिक फैसिलिटेशन सेंटर तैयार किए जा रहे हैं।

सुरक्षित कार्यस्थल, दुर्घटना बीमा सहायता (सामान्य मृत्यु पर 1 लाख रुपये और कार्यस्थल दुर्घटना मृत्यु पर 5 लाख रुपये) और पारदर्शी नीतियों से छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को एक नया स्वरूप मिल रहा है।