चीन ने कानून में किया बड़ा बदलाव: युद्ध की स्थिति में आम नागरिकों की संपत्ति और संसाधनों पर सरकार का होगा कब्जा

बीजिंग: वैश्विक तनाव के बीच चीन (China) ने युद्धकालीन स्थितियों और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने रक्षा कानूनों में अत्यंत सख्त और बड़े बदलाव किए हैं। चीन की शीर्ष विधायिका (नेशनल पीपुल्स कांग्रेस) द्वारा पारित नए ‘राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून’ (National Defense Mobilization Law) के तहत अब सरकार या कम्युनिस्ट पार्टी जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों की निजी संपत्ति, वाहनों, घरों और तकनीकी संसाधनों का सैन्य इस्तेमाल के लिए अधिग्रहण कर सकेगी।

नागरिकों के अधिकार होंगे सीमित, युद्ध प्रयास में देना होगा योगदान

नियमों के अनुसार, युद्ध या आपात स्थिति की घोषणा होते ही निजी स्वामित्व का अधिकार निलंबित माना जाएगा। सरकार और सेना बिना किसी बाधा के किसी भी नागरिक की कार, भूमि, इमारत, तकनीकी उपकरण और संचार नेटवर्क का उपयोग कर सकती है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित आयु सीमा (18 से 60 वर्ष के पुरुष और 18 से 55 वर्ष की महिला नागरिक) वाले नागरिकों को रसद, बुनियादी ढांचे की मरम्मत और सैन्य सहायता अभियानों जैसे रक्षा-सहायता कार्यों के लिए अनिवार्य रूप से सेवा देनी होगी।

टेक कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर का सैन्यीकरण

संशोधित कानून में डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक तकनीक को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इंटरनेट प्रदाता, डेटा सेंटर, ड्रोन, लॉजिस्टिक्स और साइबर सुरक्षा से जुड़ी सभी निजी और सरकारी कंपनियों पर आवश्यकता पड़ने पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का प्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित हो जाएगा।

आदेश न मानने पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई

इस कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई नागरिक या संस्था संपत्ति देने, श्रम दायित्व निभाने या लामबंदी आदेश का पालन करने से इनकार करती है अथवा जानबूझकर देरी करती है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।