छत्तीसगढ़ में कैंसर अब ‘नोटिफाइड डिजीज’ घोषित: अस्पतालों और डॉक्टरों को 1 महीने में रिपोर्ट करना अनिवार्य, नोटिफिकेशन जारी

रायपुर: कैंसर के बढ़ते मामलों की सटीक निगरानी और रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा स्वास्थ्य निर्णय लिया है। राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट (1949) के तहत आदेश जारी कर कैंसर को ‘नोटिफाइड डिजीज’ (Notified Disease) यानी अधिसूचित बीमारी घोषित कर दिया है।
नियमों की मुख्य बातें और दायित्व
1 महीने के भीतर रिपोर्टिंग अनिवार्य: अब प्रदेश के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, कैंसर केयर सेंटरों और डॉक्टरों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे कैंसर के किसी भी नए मामले (New Case) का पता चलने पर 30 दिनों के भीतर स्वास्थ्य विभाग को इसकी लिखित या डिजिटल सूचना दें।
रजिस्ट्री का निर्माण: इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तरीय ‘कैंसर रजिस्ट्री’ (Cancer Registry) तैयार करना है, जिससे यह स्पष्ट डेटा मिल सके कि प्रदेश के किन जिलों या क्षेत्रों में कैंसर का प्रकोप सबसे अधिक है।
समय पर इलाज और नीतियां: सटीक आंकड़े मिलने से सरकार को संबंधित क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाने, वित्तीय सहायता देने और आधुनिक इलाज की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से कैंसर की शुरुआती चरण (Early Stage) में पहचान करने और रोकथाम की दिशा में ठोस रणनीतियां बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।

