दिल्ली में PG और हॉस्टल की सुरक्षा के लिए बनेगा नया वेब पोर्टल: 100 स्थानों पर सघन जांच के निर्देश, अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों एवं कामकाजी युवाओं के पेइंग गेस्ट (PG) आवासों व हॉस्टलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने कई कड़े और बड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। हाल ही में हुए दर्दनाक हादसों के बाद सरकार अब सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपना रही है।
सरकार द्वारा उठाए जा रहे मुख्य कदमों, नई गाइडलाइंस और हादसों की स्थिति की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
1. विशेष वेब पोर्टल और 100 स्थानों पर सघन जांच अभियान
सुरक्षा वेब पोर्टल लॉन्च होगा: दिल्ली सरकार राजधानी में संचालित सभी PG और हॉस्टलों का विस्तृत डेटा तैयार करने के लिए जल्द ही एक समर्पित वेब पोर्टल लॉन्च करेगी।
पोर्टल पर दर्ज होंगी जानकारियां: इसमें PG के कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, अग्निशमन (Fire Safety) और ढांचागत सुरक्षा (Structural Safety) से जुड़े मानकों की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
3 दिनों में 100 स्थानों पर जांच: सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए अगले 3 दिनों के भीतर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 100 प्रमुख PG और हॉस्टलों की विशेष टीमों द्वारा जांच की जाएगी।
2. हाई पावर्ड कमेटी (HPC) की बैठक और नए सुरक्षा नियम
समिति का गठन व बैठक: शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में गठित हाई पावर्ड कमेटी (HPC) की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
सुरक्षित नियमावली तैयार करने पर जोर: इस समिति का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में PG और हॉस्टलों के संचालन के लिए पारदर्शी और कड़े सुरक्षा नियम बनाना है।
कई प्रमुख एजेंसियां शामिल: इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस तथा प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
शैक्षणिक हब के पास PG रेगुलेशन: विश्वविद्यालय परिसरों एवं शैक्षणिक केंद्रों के 5-6 किलोमीटर के दायरे में चल रहे PG तथा RWA/ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों वाले आवासीय क्षेत्रों में कानूनी रूप से सुरक्षित PG संचालन की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
3. हालिया हादसे और दिल्ली में इमारतों की चिंताजनक स्थिति
हाल के दिनों में हुए हादसों ने दिल्ली में अवैध व जर्जर निर्माणों की पोल खोलकर रख दी है:
सत्य निकेतन हादसा (6 सितंबर): सत्य निकेतन क्षेत्र में एक 5 मंजिला PG इमारत के ढह जाने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। NDRF को राहत व बचाव कार्य पूरा करने में 28 घंटे का समय लगा था।
न्यू सीमापुरी हादसा (8 अक्टूबर): न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से 5 लोगों की जान चली गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक दिन पूर्व आए भूकंप के झटकों के कारण इमारत की दीवारों में गहरी दरारें आ गई थीं।
हादसों के आंकड़े: उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में इमारत ढहने की 1,133 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें कुल 98 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
4. अवैध निर्माण पर सख्त एक्शन के निर्देश
बुलडोजर कार्रवाई के आदेश: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली भर में अवैध और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
सत्य निकेतन मामले में गिरफ्तारियां: सत्य निकेतन PG हादसे की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

