उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा और सूरजपुर के विकास कार्यों की समीक्षा की

अंबिकापुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की स्थिति की जानकारी लेकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
समय-सीमा में पूरे हों विकास कार्य, गुणवत्ता से समझौता नहीं
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत विकास कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए और योजनाओं की नियमित समीक्षा के साथ उनकी सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अधिकारियों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच सके।
अक्टूबर तक पूरे किए जाएं निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नगरों में स्वच्छता, बेहतर नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शहर किसी भी प्रदेश की पहचान होते हैं, इसलिए नगरीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारी विशेष ध्यान दें। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तत्काल शुरू किए जाएं और प्रगतिरत कार्यों को अनावश्यक विलंब के बिना पूरा किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को अक्टूबर माह तक निर्माणाधीन आवासों का काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, राजस्व संग्रहण की हर महीने समीक्षा करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत में तेजी लाएं
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने सड़कों, भवनों, पुल-पुलियों और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत का काम तेज गति से कराने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सड़क और अन्य अधोसंरचनाओं की स्थिति का सीधा असर आम लोगों के आवागमन और दैनिक जीवन पर पड़ता है। ऐसे में निर्माण कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों को व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर काम करने और प्रत्येक परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेयजल योजनाओं की निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित करें
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन सहित पेयजल आपूर्ति से संबंधित योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से जलापूर्ति व्यवस्था, उपलब्ध जल स्रोतों और लंबित कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों को नियमित और सुचारू पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। पेयजल से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने पेयजल अधोसंरचनाओं के उचित रखरखाव, योजनाओं की नियमित निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियों को दें बढ़ावा
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने खेल अधोसंरचना, खेल गतिविधियों और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्राथमिक शालाओं में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।
उन्होंने खेल विभाग को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्कूल संकुलवार एक-एक शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक (पीटीआई) को चिह्नित कर खेल गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपने को कहा।
बैठक में सरगुजा ओलंपिक के लिए चल रहे पंजीयन की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों और खेल जगत से जुड़े लोगों की सहभागिता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक प्रतिभागियों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खेलों से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक भावना का विकास होता है। इसलिए स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे लाने और युवाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

