पीएम स्वनिधि योजना में तेजी लाने की तैयारी

रायपुर। नगरीय निकायों में पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण वितरण और डिजिटल लेन-देन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा से दो वर्ष पहले पूरा करना है। इसके लिए पात्र पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ने, लंबित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण और शत-प्रतिशत डिजिटल सशक्तीकरण पर जोर दिया जाएगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने राज्य स्तरीय निगरानी समिति की वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र पथ विक्रेता योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के ऋण वितरण की निकायवार और बैंकवार समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में क्यूआर कोड वितरण, यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान और कैशबैक प्रोत्साहन की भी समीक्षा की गई। पथ विक्रेताओं को डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य और निकाय स्तर पर मानव संसाधन की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।

सोनमणि बोरा ने नगरीय निकायों में पथ विक्रेताओं के साथ नियमित संवाद और जिला स्तर पर बैंकर्स कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हितग्राहियों को योजना, ऋण प्रक्रिया और डिजिटल लेन-देन की जानकारी दी जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों और बैंक शाखाओं को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में क्रेडिट कार्ड योजना, स्वच्छ एवं हाइजीनिक स्ट्रीट फूड हब की स्थापना और ऋण अदायगी की स्थिति की समीक्षा की गई। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग के उप सचिव ए.के. सिंग, सुनील अग्रहरि, प्रदीप गोंदुले, संतोष राव मोरे, मनोज सिंह सहित विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी और योजना के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।