प्रगति-50 में रायपुर-बिलासपुर शामिल, देश के 50 शहरों में बनेगा स्वच्छता मॉडल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर को केंद्र सरकार की ‘प्रगति-50’ पहल में शामिल किया गया है। देश के 50 चयनित शहरों में स्वच्छता और ठोस-तरल कचरा प्रबंधन का प्रभावी मॉडल विकसित किया जाएगा। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को योजना की शुरुआत की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।

इस पहल के तहत दोनों शहरों में घर-घर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, कचरे की प्रोसेसिंग और वैज्ञानिक निपटान को मजबूत किया जाएगा। रायपुर में रोज करीब 550 टन और बिलासपुर में 150 टन कचरा निकलता है।

कचरे से लेकर गंदे पानी तक पूरा सिस्टम होगा फोकस में

स्वच्छता अभियान को सिर्फ कचरा उठाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट, गंदे पानी के उपचार और पुन: उपयोग पर भी जोर रहेगा। रायपुर में खारुन नदी क्षेत्र में 206 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी संचालित हैं, जबकि तीन नए प्लांट शुरू होने की प्रक्रिया में हैं।

सार्वजनिक शौचालय, सड़क, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई की नियमित निगरानी के लिए भी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से दोनों शहरों को तकनीकी विशेषज्ञता और देश के सफल स्वच्छता मॉडलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

दूसरे नगरीय निकायों के लिए बन सकता है मॉडल

रायपुर और बिलासपुर में सफल होने वाली व्यवस्थाओं को प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भी लागू किया जा सकेगा। ऐसे में अब सिर्फ सफाई का दावा नहीं, बल्कि कितना कचरा उठा, कितना अलग हुआ, कितना प्रोसेस हुआ और कितना वैज्ञानिक तरीके से निपटाया गया, इसका परिणाम दिखाना होगा।

इस पूरी व्यवस्था में नागरिकों की भूमिका भी अहम होगी। घर से कचरा अलग देना, खुले में कचरा नहीं फेंकना और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सहयोग करना प्रगति-50 की सफलता के लिए जरूरी होगा।