DUSU चुनाव: दिल्ली विश्वविद्यालय में वोटिंग जारी, हिंसा और हुड़दंग पर हाईकोर्ट सख्त; जीत के जुलूस पर रोक

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। एक तरफ जहां छात्र-छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा, गाड़ियों के काफिले (Cavalcade) और नियमों के उल्लंघन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियां और आदेश

  • विजय जुलूस पर तुरंत रोक: चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि परिणाम घोषित होने के बाद सड़कों, यूनिवर्सिटी परिसर या हॉस्टलों में कोई भी विजय जुलूस (Victory Procession) नहीं निकाला जाएगा।

  • 140 उम्मीदवारों को नोटिस: चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने छात्र संगठनों और चुनाव लड़ रहे सभी 140 प्रत्याशियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पीठ ने पूछा कि नियम तोड़ने के लिए उन पर सामूहिक नुकसान की भरपाई (Collective Electoral Damages) क्यों न लगाई जाए।

  • दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार: सुनवाई के दौरान बिना नंबर प्लेट वाली महंगी गाड़ियों के काफिले और गुंडागर्दी पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि “हथियार लहराने वाले छात्र नहीं हो सकते।” कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि जीत का जुलूस रोकने की पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी और उल्लंघन करने वालों पर अवमानना (Contempt of Court) का मामला चलाया जाएगा।

पुलिस की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक 49 वाहन जब्त किए गए हैं और 5,400 से अधिक चालान काटे गए हैं। अदालत ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।