फिजिक्स की क्लास से उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा विजय शर्मा का सफर
कॉलेज में छात्रों को पढ़ाते थे भौतिकी, छात्र जीवन से ही राजनीति में रहे सक्रिय; 2023 में पहली बार विधायक बने और संभाली उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
कवर्धा। आज विजय शर्मा छत्तीसगढ़ सरकार में उपमुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत सीधे सत्ता के गलियारों से नहीं हुई थी। एक दौर ऐसा भी था, जब रायपुर के कॉलेजों में उनकी पहचान राजनीति के नेता के तौर पर नहीं, बल्कि फिजिक्स पढ़ाने वाले लेक्चरर के रूप में थी।
भौतिक शास्त्र में एमएससी करने के बाद विजय शर्मा ने 1996 से 1998 के बीच रायपुर के सेंट्रल कॉलेज, प्रगति कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज में लेक्चरर के रूप में सेवाएं दीं। उस समय उनकी दिनचर्या कॉलेज की कक्षाओं, विद्यार्थियों और भौतिकी के विषय के बीच गुजरती थी। छात्रों को कठिन से कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाना उनके काम का हिस्सा था।
छात्र जीवन से ही राजनीति की ओर बढ़े कदम
शिक्षण के साथ-साथ विजय शर्मा का जुड़ाव छात्र जीवन से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। संगठन में सक्रियता बढ़ने के साथ उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलती गईं और धीरे-धीरे उनका राजनीतिक कद भी बढ़ता गया।
कॉलेज की कक्षा से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर संगठन और फिर सक्रिय राजनीति के बड़े मंच तक पहुंचा।
2023 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे
विजय शर्मा के राजनीतिक करियर में 2023 का विधानसभा चुनाव अहम मोड़ लेकर आया। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा। मुकाबला तत्कालीन मंत्री मोहम्मद अकबर से था।
चुनाव परिणाम में विजय शर्मा ने मोहम्मद अकबर को पराजित कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। पहली ही बार विधायक बनने के बाद उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली और वे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री बनाए गए।
शिक्षक से जनप्रतिनिधि और फिर सरकार में बड़ी जिम्मेदारी
विजय शर्मा की राजनीतिक यात्रा इस मायने में भी अलग नजर आती है कि उनके सार्वजनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षा से जुड़ी रही है। जिस व्यक्ति ने कभी कॉलेज की कक्षा में विद्यार्थियों को फिजिक्स पढ़ाई, वही आगे चलकर जनप्रतिनिधि बना और प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचा।
आज उनके पास सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। हालांकि इस मुकाम के पीछे उनके जीवन का वह दौर भी जुड़ा है, जब रायपुर के कॉलेजों में वे विद्यार्थियों के सामने खड़े होकर भौतिकी के सिद्धांत समझाया करते थे।
यानी विजय शर्मा की कहानी सिर्फ राजनीति में तेजी से आगे बढ़ने की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षण, छात्र राजनीति, संगठनात्मक सक्रियता और चुनावी सफलता से होते हुए सत्ता की जिम्मेदारी तक पहुंचने का सफर भी है।
