आर्थिक मोर्चे पर भारत की लंबी छलांग: UNCTAD रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, FDI इनफ्लो 44% बढ़ा

नई दिल्ली, 9 जुलाई 2026: वैश्विक आर्थिक सुस्ती और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए बिज़नेस और इकोनॉमी के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और शानदार खबर आई है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNCTAD (यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment – FDI) आकर्षित करने के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
UNCTAD द्वारा जारी ‘2026 वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट’ (World Investment Report 2026) के अनुसार, भारत वैश्विक रैंकिंग में 2 पायदान का सुधार करते हुए अब दुनिया का 11वां सबसे बड़ा FDI हासिल करने वाला देश बन गया है।
साल 2025 में रिकॉर्ड 44% बढ़ा भारत का FDI इनफ्लो
इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक कंपनियों और निवेशकों का भरोसा भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े: वर्ष 2025 के दौरान भारत में आने वाला कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI Inflow) करीब 44% की भारी बढ़ोतरी के साथ 38.89 अरब डॉलर (approx. $38.89 Billion) दर्ज किया गया है।
यह वृद्धि दर्शाती है कि भारत सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (Infrastructure), विनिर्माण (Manufacturing) और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में उठाए गए कदमों का जमीन पर व्यापक और सकारात्मक असर हो रहा है।
वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है भारत: मुख्य कारण
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर के निवेशकों द्वारा भारत को प्राथमिकता देने के पीछे ये मुख्य वजहें हैं:
स्थिर नीतियां और सुशासन: भारत में आर्थिक नीतियों की निरंतरता और नियमों का सरलीकरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
सप्लाई चेन का विविधीकरण (China+1 स्ट्रेटेजी): वैश्विक कंपनियां अब चीन के अलावा भारत को एक बड़े और सुरक्षित मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही हैं।
बड़ा घरेलू बाजार: भारत का विशाल और तेजी से बढ़ता हुआ मध्यवर्ग दुनिया भर की कंपनियों के लिए निवेश का सबसे बड़ा आकर्षण है।
इस शानदार ग्रोथ से न केवल देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, बल्कि आने वाले समय में देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे।

