छत्तीसगढ़ में बड़ा सियासी धमाका: 540 करोड़ के कोयला व शराब घोटाले में फरार कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल ने किया सरेंडर
रायपुर, 9 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और देश भर में सुर्खियां बटोरने वाले 540 करोड़ रुपये के कोयला लेवी और शराब घोटाले (Coal Levy & Liquor Scammed Chhattisgarh) में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से फरार चल रहे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने आखिरकार कानून के आगे घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने राजधानी रायपुर स्थित EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) के दफ्तर पहुंचकर आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है।
बेटे को हिरासत में लिए जाने के बाद बढ़ी मुश्किलें, दफ्तर पहुंच किया आत्मसमर्पण
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों की लगातार बढ़ती दबिश और कानूनी शिकंजे के बाद रामगोपाल अग्रवाल के पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
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बेटे पर एक्शन: रामगोपाल अग्रवाल के सरेंडर करने से ठीक पहले जांच एजेंसी ने उनके बेटे को हिरासत में ले लिया था। बेटे की हिरासत के बाद उन पर मनोवैज्ञानिक और कानूनी दबाव बेहद बढ़ गया, जिसके तुरंत बाद वे खुद EOW दफ्तर पहुंचे।
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लंबे समय से थे फरार: घोटाले में नाम आने और वारंट जारी होने के बाद से ही वे लगातार फरार चल रहे थे और एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई थीं।
क्या हैं आरोप? जब्त डायरियों से खुले थे बड़े राज
कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर इस पूरे सिंडिकेट में बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप हैं:
मुख्य आरोप: जांच एजेंसियों के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने कोयला लेवी और शराब घोटाले से उगाही गई करोड़ों रुपये की अवैध रकम को कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय (राजीव भवन, रायपुर) मंगवाया था। इस पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक और अन्य गतिविधियों में किए जाने का संदेह है।
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जब्त डायरियों का राज: इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब जांच एजेंसियों ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई ऐसी गुप्त डायरियां जब्त की गईं, जिनमें पैसों के लेनदेन, कोड वर्ड्स और राजीव भवन तक रकम पहुंचाने के पुख्ता रिकॉर्ड दर्ज थे। इन्हीं डायरियों की कड़ियों को जोड़ते हुए EOW और ACB ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में मचेगा उथल-पुथल
रामगोपाल अग्रवाल के सरेंडर करने और अब EOW की कस्टडी में होने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर भूचाल आना तय माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान कई और बड़े राजनेताओं, अधिकारियों और बिचौलियों के नामों का खुलासा होने की पूरी संभावना है। ईओडब्ल्यू अब उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि घोटाले की परतों को पूरी तरह खोला जा सके।
