शेयर बाजार में हाहाकार: अमेरिका-ईरान महायुद्ध के संकट से सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा टूटा, रुपया भी हुआ पस्त

मुंबई, 9 जुलाई 2026: पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते सैन्य संकट और अमेरिका-ईरान के बीच छिड़े युद्ध का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर उपजे भारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के चलते घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

बाजार खुलने के बाद शुरुआती बढ़त को पूरी तरह गंवाते हुए, प्रमुख सूचकांक BSE सेंसेक्स (Sensex) 1,700 से अधिक अंक धड़ाम हो गया।

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी हुआ रिकॉर्ड कमजोर

इस वैश्विक अनिश्चितता का असर केवल शेयर बाजार तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय मुद्रा पर भी इसका भारी दबाव देखने को मिला है।

  • कमजोर हुआ रुपया: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया (INR) आज काफी कमजोर होकर बंद हुआ।

  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स सतर्क: पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने और सीज़फायर खत्म होने की खबरों के बाद वैश्विक निवेशक (Global Investors) जोखिम लेने से बच रहे हैं और काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। वे भारतीय बाजार जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे सोना या डॉलर) की तरफ शिफ्ट कर रहे हैं।

बाजार टूटने के मुख्य कारण क्या हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, आज बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:

  1. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल की आशंका: ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर चाबहार और बुशायर जैसे तटीय इलाकों में अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

  2. खाड़ी देशों में इमरजेंसी: बहरीन जैसे देशों में इमरजेंसी सायरन एक्टिव होने से निवेशकों में यह डर बैठ गया है कि यह युद्ध पूरे मिडल-ईस्ट को अपनी चपेट में ले सकता है।

  3. विदेशी फंड्स की निकासी: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने बाजार से तेजी से बिकवाली शुरू कर दी है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह निगेटिव हो गया है।

आने वाले दिनों में यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव कम नहीं होता है, तो भारतीय शेयर बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।