बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: BSc नर्सिंग में 10% परसेंटाइल का नियम रद्द, 15 दिनों में दोबारा काउंसलिंग कराने के आदेश

बिलासपुर/रायपुर, 11 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ के नर्सिंग छात्रों के हित में बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने बीएससी (BSc) नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए तय किए गए 10% परसेंटाइल के नियम को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने संबंधित अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर दोबारा काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने और पूरी तरह मेरिट के आधार पर सीटें भरने का कड़ा आदेश दिया है।

पिछड़े और आदिवासी वर्ग के छात्रों को हो रहा था नुकसान

न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि इस विवादित 10% परसेंटाइल नियम की वजह से राज्य के आदिवासी और पिछड़े वर्ग (OBC & ST-SC) के होनहार छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस नियम के चलते कई योग्य छात्र प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे और कॉलेजों में सीटें खाली रहने की नौबत आ गई थी।

मेरिट के आधार पर मिल सकेगा प्रवेश

हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है।

  • नया आदेश: कोर्ट ने साफ किया है कि आगामी 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग आयोजित की जाए।

  • पारदर्शिता: सभी खाली और बची हुई सीटों को शुद्ध रूप से मेरिट लिस्ट (Merit List) के आधार पर भरा जाए, ताकि किसी भी वर्ग के छात्र के साथ अन्याय न हो।

इस निर्णय से प्रदेश के हजारों नर्सिंग अभ्यर्थियों, विशेषकर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं ने बड़ी राहत की सांस ली है।