नई दिल्ली/सियोल/हांगकांग।
वैश्विक संकेतों के बीच मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता के कारण प्रमुख सूचकांकों में असमान चाल दर्ज की गई।
दक्षिण कोरिया: कोस्पी में 4% की गिरावट
KOSPI में करीब 4% की तेज गिरावट दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। विदेशी निवेशकों की निकासी और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk-off sentiment) गिरावट की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और करेंसी उतार-चढ़ाव ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
चीन और हॉन्गकॉन्ग: सपाट कारोबार
Shanghai Composite और Hang Seng Index में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निवेशकों ने बड़े दांव लगाने से परहेज किया, जिससे बाजार लगभग सपाट बंद हुए।
चीन में आर्थिक प्रोत्साहन उपायों को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन वैश्विक कारकों के चलते बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं बन पाई।
अमेरिकी बाजार में बढ़त
सोमवार को S&P 500 और Nasdaq Composite में मजबूती देखी गई। टेक शेयरों में खरीदारी और सकारात्मक कॉर्पोरेट नतीजों ने अमेरिकी बाजारों को सहारा दिया।
निवेशक फिलहाल केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतिगत घोषणाओं और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
आगे की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। भू-राजनीतिक घटनाएं, कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरों से जुड़े संकेत बाजार की चाल तय करेंगे। निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने और वैश्विक संकेतों पर करीबी नजर रखने की सलाह दी जा रही है।