रायपुर में कचरा संकट: 4 महीने से भुगतान नहीं तो ठेकेदारों ने बंद किया काम; विपक्ष ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर जताया विरोध
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नागरिक सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। पिछले 4 महीनों से भुगतान न होने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने बुधवार से पूर्ण काम बंद हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद शहर के सभी 70 वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे हो गई है।
एक तरफ कचरे का अंबार, दूसरी तरफ जनता पर टैक्स की मार
शहर में जहाँ एक तरफ जगह-जगह कचरा डंप हो रहा है और सफाई व्यवस्था ठप है, वहीं दूसरी तरफ रायपुर नगर निगम ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। निगम प्रशासन ने हाल ही में एक नया आदेश जारी करते हुए आवासीय मकानों पर ₹120 और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (दुकानों) पर ₹600 का सालाना अतिरिक्त ‘यूज़र चार्ज’ (कचरा कलेक्शन शुल्क) बढ़ा दिया है। इस दोहरी मार से शहरवासियों में भारी आक्रोश है।
सड़कों पर उतरा विपक्ष, नेता प्रतिपक्ष ने लगाई झाड़ू
बढ़े हुए यूज़र चार्ज और शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है। इसके विरोध में शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। विपक्ष ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खुद सड़कों पर झाड़ू लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया और बढ़े हुए चार्ज को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
