केरल मॉब लिंचिंग केस में छत्तीसगढ़ के मजदूर को न्याय, केरल सरकार देगी ₹30 लाख मुआवजा

रायपुर/तिरुवनंतपुरम।

केरल में हुए मॉब लिंचिंग मामले में छत्तीसगढ़ के मजदूर को आखिरकार न्याय मिला है। केरल सरकार ने पीड़ित परिवार को ₹30 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। यह फैसला राज्य सरकार द्वारा मामले की समीक्षा और न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है।

मामला उस समय सामने आया था जब छत्तीसगढ़ का एक मजदूर रोज़गार के सिलसिले में केरल गया था, जहां कथित तौर पर भीड़ द्वारा उसके साथ हिंसा की गई। इस घटना ने न केवल राज्य बल्कि देशभर में चिंता और आक्रोश पैदा किया था।

पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले ही ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। राज्य सरकार की ओर से यह सहायता तत्काल मानवीय आधार पर दी गई थी।

केरल सरकार के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मुआवजे के साथ-साथ मामले में कानूनी कार्रवाई भी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों राज्यों के बीच समन्वय के जरिए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह मामला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक अहम उदाहरण के रूप में भी देखा जा रहा है।

पीड़ित परिवार ने न्याय और मुआवजा मिलने पर संतोष जताया है, वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।