राम मंदिर की सेवा के नए दायित्व की ओर जीतेंद्र मिश्रा, बोले- भगवान राम ने दिया दूसरा अवसर

पूर्व एयर मार्शल ने रामलला के किए दर्शन, ट्रस्ट सदस्यों के साथ बैठक; अगले कुछ दिनों में मंदिर की व्यवस्थाओं को समझने के बाद संभालेंगे CEO की जिम्मेदारी

अयोध्या। भारतीय वायु सेना में करीब चार दशक तक देश की सेवा करने के बाद अब पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़ी नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में हैं। गुरुवार सुबह अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने बताया कि शुरुआती चर्चा में ट्रस्ट के सदस्यों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आने वाले 2 से 5 दिनों तक मंदिर से जुड़े कामकाज और व्यवस्थाओं को विस्तार से समझेंगे। इसके बाद CEO के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

वायुसेना की सेवा के बाद राम मंदिर का दायित्व

मिश्रा ने अपने जीवन के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 17 वर्ष की उम्र में देवरिया स्थित अपने गांव से निकले थे और 60 वर्ष की उम्र तक भारतीय वायु सेना में राष्ट्र सेवा की। अब उनके लिए यह एक नया पड़ाव है, जहां उन्हें राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिला है।

उन्होंने इस जिम्मेदारी को भगवान राम का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि उनके लिए यह बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक अवसर है।

चयन समिति और भगवान राम के प्रति जताया आभार

अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचने के बाद भी मिश्रा ने मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि अब पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का समय है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चयन समिति और भगवान श्रीराम के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े और पवित्र कार्य के लिए चुना जाना उनके लिए सम्मान की बात है। मिश्रा के मुताबिक, नई भूमिका में आने से पहले वह मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों को समझने पर विशेष ध्यान देंगे।

पहले ही जिम्मेदारी संभालने की आई थी सूचना

मिश्रा के CEO का पद संभालने की सूचना इससे पहले सामने आई थी, हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले कुछ दिनों में मंदिर से जुड़े कार्यों और व्यवस्थाओं को समझने के बाद वह औपचारिक रूप से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रस्ट के साथ हुई शुरुआती बैठक को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।