शिक्षकों का आंदोलन 1 जुलाई को – “शिक्षा के युक्तियुक्तकरण” के खिलाफ प्रदेशव्यापी विरोध

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण (Rationalization) नीति के विरोध में प्रदेश के शिक्षक समुदाय में तीव्र असंतोष उभर कर सामने आया है। इसी क्रम में “शिक्षक साझा मंच” ने आगामी 1 जुलाई 2025 को प्रदेशभर के 146 विकासखंडों में एकदिवसीय आंदोलन की घोषणा की है।
साझा मंच के प्रदेश संचालक मंडल द्वारा जारी रणनीति के अनुसार यह आंदोलन न केवल शिक्षकों की उपेक्षा के विरुद्ध है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को न्यायपूर्ण और संवेदनशील बनाए रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
आंदोलन की चरणबद्ध रणनीति:
26 जून तक सभी 33 जिलों में ऑनलाइन/ऑफलाइन बैठकें
27 जून तक जिला कलेक्टरों व जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखित सूचना
28 जून तक तहसीलदार, एसडीएम और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को सूचित किया जाएगा
1 जुलाई को सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षक शाला बहिष्कार करेंगे
30 जून तक सभी शिक्षक अपने संकुल प्राचार्य/शैक्षिक समन्वयक को लिखित अवकाश सूचना देंगे
28 जून तक धरना स्थलों का चयन कर शिक्षकों को सूचित किया जाएगा
ब्लॉक संचालक व उनकी टीम द्वारा धरना स्थलों पर 100% उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी
आंदोलन की मुख्य मांगे:
स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता
तैनाती में न्यायपूर्ण प्रक्रिया
संविदा शिक्षकों का स्थायीकरण
पदस्थापन में मानवीय दृष्टिकोण
नेतृत्व में शामिल प्रमुख नाम:
मनीष मिश्रा, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत, केदार जैन, संजय शर्मा, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरे, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे, अनिल कुमार टोप्पो आदि।

